शहर के सुदना स्थित श्री तुलसी मानस मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान महायज्ञ का 11 वा अधिवेशन चल रहा है. सुदना देवी मंडप ट्रस्ट समिति ने महायज्ञ का आयोजन किया है. आचार्य पंडित मिथिलेश मिश्रा ने विधि विधान से पूजा अनुष्ठान कराया. यजमान अभय सिंहा व रंजुला सिंहा पूजा अनुष्ठान में सक्रिय रहे. मुख्य अतिथि भावी मेयर प्रत्याशी पूनम सिंह ने पूजा अर्चना कर आशीर्वाद ग्रहण किया. उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान से सनातन धर्म व ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ेगी.
प्रयागराज के चक्र सुदर्शनपुरी स्थित शक्ति पीठाधीश्वर अनंत विभूषित श्रीमद जगतगुरू रामानुचार्य श्री श्री 1008 स्वामी श्री हरि प्रपन्नाचार्य जी महाराज के द्वारा भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा है. उन्होंने भगवान के सभी अवतारों के उद्वेश्य व उसकी महिमा का बखान किया. साथ ही मानव जीवन के कल्याण के लिए धर्म शास्त्रों के उपदेशों के अनुकूल आचरण व कर्म करने की जरूरत बताया. उन्होंने कहा कि केवल भगवान का नाम जप या पूजा करने से ही कल्याण नहीं होगा, बल्कि उनके आदर्श जीवन दर्शन व उपदेशों को अपने कार्य व्यवहार व आचरण में उतारना चाहिए. धर्म के मर्यादा के अनुरूप कर्म करना श्रेयस्कर है. उन्होंने कहा कि संतानों का धर्म अपने माता पिता की सेवा करना है. माता पिता की सेवा करने वाले संतानों को सभी तीर्थों का फल मिलता है. अपने माता पिता के आशीर्वाद से ही संतान को लौकिक व पारलौकिक सुखों की प्राप्ति होती है. मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम माता पिता, गुरु की सेवा, सम्मान व भक्ति करते थे. प्रभु श्रीराम की मर्यादा का पालन करना ही उनकी भक्ति है. ऐसा करने वाला व्यक्ति ही सही मायने में उनका प्रिय भक्त कहलाता है. उन्होंने कहा कि दूसरों की निंदा करना, अन्याय, अत्याचार व हिंसा करना सबसे बड़ा पाप है. लोगों को इस तरह के कर्म से बचना चाहिए. धर्म के मर्यादा व अनुशासन के आधार पर कर्म करने वाला सदा सुखी रहता है. मौके पर आयोजन समिति के संरक्षक अभिमन्यु ओझा, अध्यक्ष रामाकांत पांडेय, राजा पाठक राजीव रंजन पांडेय नवल किशोर तिवारी,मनीष उपाध्याय सहित काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे.
