रेड़मा में शिव महापुराण कथा सप्ताह संपन्न, देवी कृष्णा प्रिया ने बताया भक्ति का महत्व

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मेदिनीनगर।
शहर के रांची रोड स्थित रेड़मा मथुराबाड़ी में श्री भगवान परशुराम मंदिर परिसर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा सप्ताह रविवार को विधिवत संपन्न हो गया। यह आयोजन राष्ट्रीय परशुराम सेना भार्गव द्वारा नवनिर्मित मंदिर में भगवान परशुराम की प्रतिमा के प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान के अवसर पर 12 कुंडीय महायज्ञ एवं शिव महापुराण कथा के रूप में किया गया था।

काशी से पधारे विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना एवं महायज्ञ संपन्न कराया गया। वहीं वृंदावन धाम से पधारी कथा वाचिका देवी कृष्णा प्रिया ने दो फरवरी से श्रद्धालुओं को श्री शिव महापुराण की कथा का रसास्वादन कराया। कथा के दौरान उन्होंने महादेव की महिमा, भक्ति का स्वरूप तथा शिव महापुराण सहित वेद-शास्त्रों के प्रमुख उपदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वैदिक ऋचाओं के पाठ, भजन और प्रवचनों से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

कथा सप्ताह के दौरान शनिवार की संध्या को वृहद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अंतिम दिन रविवार को प्रातः आठ बजे से कथा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर देवी कृष्णा प्रिया ने कहा कि दुर्लभ मानव जीवन परमात्मा की असीम कृपा से प्राप्त होता है और इसकी सार्थकता ईश्वर भक्ति में ही निहित है। उन्होंने बताया कि मानव जीवन का उद्देश्य त्रय तापों से मुक्ति, परमानंद की प्राप्ति और परमात्मा से साक्षात्कार है, जिसे श्रद्धा, विश्वास और समर्पण भाव से भक्ति के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में ईश्वर का आश्रय नहीं छोड़ना चाहिए। महादेव की भक्ति सहज और सरल है तथा परमात्मा अपने शरणागत भक्तों की रक्षा कर उनके जीवन का कल्याण करते हैं। शिव महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि संसार मोह-माया का जाल है और जीव केवल ईश्वर की कृपा से ही इससे मुक्त हो सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अहंकार का त्याग कर अपने इष्टदेव की निष्काम भक्ति करने, सत्कर्म के पथ पर चलने और धर्मसम्मत सामाजिक एवं पारिवारिक कर्तव्यों के निर्वहन का आह्वान किया।

कथा श्रवण के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित हुए। आयोजन को सफल बनाने में समिति के अमित तिवारी, मधुकर शुक्ला, विजय तिवारी, सुनील तिवारी, अजय तिवारी अकेला, अभिषेक तिवारी, राकेश तिवारी, धीरज मिश्रा, नीतेश तिवारी सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।

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